वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अहम फैसला लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का फैसला किया गया। इसके साथ ही रेपो रेट 5.50 फीसदी पर पहुंच गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त में घरेलू सीपीआई-आधारित मुद्रास्फीति 4.82 प्रतिशत तक पहुंच गई और रबी की पैदावार पर एल नीनो-प्रेरित अनिश्चितता ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी को अपरिहार्य बना दिया है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि दिसंबर तक रेपो रेट बढ़कर 6 फीसदी होने की संभावना है। साथ ही आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को संशोधित कर 7 कर दिया है.1 प्रतिशत तक संशोधित.
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