देश में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह मजबूत रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि खपत में वृद्धि, व्यापारिक लेनदेन का विस्तार और कर अनुपालन में सुधार जैसे कारकों ने जीएसटी राजस्व में वृद्धि में योगदान दिया है।

बढ़ा हुआ कर संग्रह केंद्र और राज्य सरकारों को विकास और कल्याण व्यय के प्रबंधन में मदद करता है। विश्लेषकों का कहना है कि कर चोरी पर रोक, डिजिटल चालान प्रणालियों के प्रसार और संगठित वित्तीय गतिविधियों में वृद्धि ने भी संग्रह को बढ़ावा दिया है।