हैदराबाद:
पहले लीवर की समस्या मुख्य रूप से शराबियों में देखी जाती थी। अब खान-पान और आधुनिक जीवनशैली की गलतियों के कारण आम लोगों में भी ये तेजी से बढ़ रहे हैं। अध्ययनों से पता चला है कि मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप चयापचय संबंधी शिथिलता से जुड़े स्टीटोहेपेटाइटिस (एमएएसएच/एमएएसएलडी) के प्रसार में योगदान करते हैं।
भारत की लगभग 16 से 32 प्रतिशत आबादी फैटी लीवर की समस्या से पीड़ित है और बच्चों में भी यह खतरा 35 प्रतिशत से अधिक है, जो बेहद चिंता का विषय है। डॉक्टरों का सुझाव है कि जंक फूड को कम करने, आहार में ताजी सब्जियां और हरी सब्जियाँ शामिल करने और नियमित व्यायाम करने से लीवर की इन बीमारियों से बचा जा सकता है।