नई दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन मुख्य रूप से वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार पर केंद्रित था। सदस्य देशों ने महसूस किया कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय संस्थान बदलती वैश्विक आर्थिक और जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं के साथ तालमेल नहीं बिठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, सुरक्षा परिषद, विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व व्यापार संगठन ने आवश्यक बदलाव की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील समेत प्रमुख देशों को अंतरराष्ट्रीय संगठनों में अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत है। ब्रिक्स देशों ने एकतरफा प्रतिबंधों और व्यापार प्रतिबंधों के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सदस्य देशों के बीच सहयोग, समानता और आपसी सम्मान को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।






