ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए केंद्र के नए नियम
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संशोधन नियम-2026 को अधिसूचित किया है। ये धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों और डार्क पैटर्न पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लागू होंगे।
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ऑफर की घोषणा के समय, छूट की गणना पिछले 30 दिनों में बेची गई सबसे कम कीमत को मूल कीमत के रूप में दिखाकर की जानी चाहिए।
भुगतान किए गए खोज परिणामों को 'प्रायोजित' के रूप में लेबल किया जाना चाहिए; खोज रैंकिंग में हेरफेर निषिद्ध है.
ऑनलाइन शॉपिंग खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश
ऑनलाइन खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा बनाए गए 'उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स संशोधन) नियम, 2026' अगले साल जनवरी से लागू होंगे। ग्राहकों को गुमराह करने के लिए खोज परिणामों को बदलने या जानबूझकर रैंकिंग को प्रभावित करने की अब अनुमति नहीं है। प्रत्येक ई-कॉमर्स कंपनी को वार्षिक स्व-ऑडिट करना होता है और जबरन खरीदारी की ओर ले जाने वाली 'डार्क पैटर्न' डिजिटल चालों को रोकने के लिए एक अनुपालन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। साथ ही, विदेश से आने वाले सामान पर मूल देश का विवरण स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।
इस लेख के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया दिनांक 13-10-2026 के अभुद्यम ई-पेपर में पृष्ठ संख्या 7 पढ़ें।